जूते ठाट के -जैसे बड़े लाट के,आज के राजे।
झूठ, सफ़ेद -हो या कि कजरारे ,वारे ही न्यारे!
ऊंचे मकान,लगते बियवान!लोग नहीं हैं !!
बर्दी बेदर्दी,कहर बरपाए,हद कर दी।
- तपेशई-मेल: tapeshbhowmick@gmail.com